युद्ध दुनिया में कहीं भी होता पर मुश्किलें भारत में आती , उससे निपटने की तैयारी बहुत पहले से शुरू हो चुकी है जिसका हमे अंदाजा भी नहीं होता
2014 से पहले रेलवे में रोज का 70 लाख लीटर डीजल लगता था , ये सिर्फ एक दिन की बात कर रहा हु । और अगर इतना ही रोज खर्च होता तो कहीं भी युद्ध होता और सीधा असर पड़ता हमारे देश में रेलवे पे
तो उसके लिए रेलवे 2014 से पहले 33% इलेक्ट्रिक ट्रैक वाली थी उसको 98% से ज्यादा इलेक्ट्रिक ट्रैक वाली कर दिया गया । अगर आज ये नहीं होता तो सोचिए फिर देश में क्या हालत होती ?
आज जब ऐसे माहौल बनता तो सबसे पहले ट्रेनों में कमी करनी पड़ती और फिर और अव्यवस्था खड़ी होती । आज हमे उसकी कोई चिंता नहीं है क्योंकि बिजली तो हम इतनी पैदा करते हैं के दूसरे देशों को बेचते हैं
छोटी छोटी चीजें जो हमें नजर में नहीं आती पर सरकार उसपे काम कर रही है रेलवे को ही देख लो । अगर ये नहीं हुआ होता तो आज रेलवे में रोज का 70 लाख लीटर डीजल चाहिए होता ।
