एआरटीओ विपिन कुमार के नेतृत्व में स्कूलों में पहुंची जांच टीम, चार स्कूली वाहन सीज

विशेष चेकिंग अभियान में यातायात नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई, मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के तहत स्कूली वाहनों की भी जांच
बागपत, 18 अगस्त 2026__ जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देश पर सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिले में विशेष सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) विपिन कुमार के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक आवागमन वाले क्षेत्रों के साथ-साथ स्कूलों में पहुंचकर वाहनों की जांच की। अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 45 वाहनों के चालान किए गए। रॉन्ग साइड वाहन चलाने, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और नो-पार्किंग सहित अन्य नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई। वहीं मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के तहत स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में जाकर स्कूली वाहनों की जांच की गई और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के अंतर्गत प्रवर्तन टीम ने स्कूलों में पहुंचकर स्कूली वाहनों की जांच की। जांच के दौरान दो स्कूली वाहनों को स्कूल परिसर में ही सीज किया गया। इसके अलावा दो ऐसे वाहनों को भी सीज किया गया, जिनका अनधिकृत रूप से स्कूली बच्चों के परिवहन में इस्तेमाल किया जा रहा था। अभियान में क्षमता से अधिक भार लेकर चल रहे चार ओवरलोड वाहनों को भी सीज किया गया। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना और नियमों के विपरीत संचालित वाहनों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
विशेष अभियान के दौरान प्रवर्तन टीम ने प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक आवागमन वाले क्षेत्रों में वाहनों की जांच की। जांच केवल कागजात देखने तक सीमित नहीं रही, बल्कि वाहन चालक किस तरह वाहन चला रहे हैं, यातायात नियमों का पालन हो रहा है या नहीं और किसी वाहन की लापरवाही से सड़क पर दूसरे लोगों की सुरक्षा प्रभावित तो नहीं हो रही है, इन पहलुओं पर भी नजर रखी गई। रॉन्ग साइड ड्राइविंग को विशेष रूप से गंभीरता से लिया गया। गलत दिशा में वाहन चलाने से सामने से आने वाले वाहनों से टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मामलों में चालान की कार्रवाई कर वाहन चालकों को निर्धारित दिशा में ही वाहन चलाने के लिए जागरूक किया गया।
बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। प्रवर्तन टीम ने वाहन चालकों को हेलमेट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने की सलाह दी। अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में हेलमेट सिर में गंभीर चोट के खतरे को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी तरह चार पहिया वाहनों में बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की गई। वाहन चालकों को सीट बेल्ट के नियमित इस्तेमाल के लिए जागरूक किया गया। नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने वालों पर भी कार्रवाई की गई। सड़क किनारे अनधिकृत पार्किंग से यातायात प्रभावित होने के साथ ही कई बार एंबुलेंस, दमकल और अन्य आपातकालीन वाहनों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में निर्धारित स्थान पर ही वाहन पार्क करने के लिए लोगों को जागरूक किया गया।
स्कूली वाहनों की जांच के दौरान परिवहन विभाग ने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि बच्चों को ले जाने वाले वाहनों का संचालन निर्धारित सुरक्षा मानकों और नियमों के अनुरूप हो। बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहनों में किसी भी स्तर की लापरवाही गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। इसी को देखते हुए अभियान के तहत स्कूलों तक पहुंचकर वाहनों की जांच और नियमों के उल्लंघन पर मौके पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान ओवरलोड वाहनों के खिलाफ भी सख्ती दिखाई गई। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहनों से सड़क सुरक्षा प्रभावित होने के साथ वाहन के नियंत्रण और ब्रेकिंग क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे वाहनों को सीज कर नियमों का पालन सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया।
एआरटीओ (प्रवर्तन) विपिन कुमार के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में प्रवर्तन टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की। परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा के लिए प्रवर्तन के साथ जनजागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है। वाहन चालकों से अपील की गई कि रॉन्ग साइड वाहन न चलाएं, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें, नो-पार्किंग में वाहन खड़ा न करें और निर्धारित यातायात नियमों का पालन करें।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। संवेदनशील मार्गों, प्रमुख चौराहों, अधिक यातायात वाले क्षेत्रों और स्कूली वाहनों के संचालन वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी। विभाग का प्रयास है कि नियमों का पालन कराने के साथ लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित हो। अभियान के माध्यम से वाहन चालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि सड़क पर थोड़ी सी सावधानी किसी की जिंदगी बचा सकती है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, सही दिशा में वाहन चलाना, निर्धारित स्थान पर वाहन पार्क करना और स्कूली बच्चों के परिवहन में सुरक्षा मानकों का पालन करना प्रत्येक वाहन चालक की जिम्मेदारी है।
सूचना विभाग, बागपत