जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कर-करेत्तर, राजस्व कार्यों एवं सीएम डैशबोर्ड की बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बागपत 18 अगस्त 2026 — जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर, राजस्व कार्यों एवं सीएम डैशबोर्ड की बैठक में विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारियों को विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा उपरांत आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों, विभागवार निस्तारण, शिकायतों के बढ़ते स्तर और जिले की रैंकिंग की स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसामान्य से सीधे जुड़े राजस्व एवं शिकायत निस्तारण के कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता और संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और शिकायतकर्ता को समय से राहत दिलाई जाए।
आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता से समन्वय स्थापित कर उसकी समस्या का समाधान कराया जाए। जिन शिकायतों का स्तर लगातार बढ़ रहा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लेकर समय रहते निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल पोर्टल पर शिकायत का निस्तारण दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान हुआ है या नहीं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यकता वाले मामलों में मौके पर जाकर स्थलीय सत्यापन किया जाए। शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट तथ्यात्मक और स्पष्ट होनी चाहिए। शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई से पहले और कार्रवाई के बाद के फोटोग्राफ्स भी लगाए जाएं, ताकि निस्तारण की वास्तविक स्थिति प्रमाणित हो सके। अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से स्वयं बातचीत कर फीडबैक लेने के निर्देश भी दिए गए, जिससे निस्तारण की गुणवत्ता का सही आकलन हो सके।
बैठक में जिले की रैंकिंग में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने समय रहते कमियों को दूर कर रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि रैंकिंग विभागीय कार्यप्रणाली और जनशिकायतों के निस्तारण की स्थिति को भी दर्शाती है। इसलिए जिन विभागों की स्थिति कमजोर है, वे अपने स्तर पर कमियों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें।
बैठक में कृषि और विद्युत विभाग से संबंधित अधिक शिकायतें आने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने दोनों विभागों के अधिकारियों को शिकायतों के कारणों की समीक्षा कर व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान विभागीय स्तर पर समय से किया जा सकता है, उनके लिए आम लोगों को बार-बार शिकायत करने की स्थिति नहीं आनी चाहिए। बार-बार आने वाली शिकायतों का मूल कारण चिन्हित कर स्थायी समाधान किया जाए।
राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व से जुड़े मामले सीधे जनता के हितों से संबंधित होते हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। तहसील स्तर पर लंबित नामांतरण, विरासत, बंटवारा और अन्य राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। राजस्व अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव, सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और अतिक्रमण से संबंधित मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने जनसुनवाई, समाधान दिवस और फील्ड निरीक्षणों को भी गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट तैयार करने तक सीमित नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करें और शिकायतकर्ता को राहत उपलब्ध कराएं। सीएम डैशबोर्ड से संबंधित शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की भी प्रभावी निगरानी करते हुए उनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और उनकी अनुपस्थिति रजिस्टर में दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक है, क्योंकि ऐसी बैठकों में विभागीय प्रगति, लंबित प्रकरणों और जनशिकायतों के संबंध में जवाबदेही तय की जाती है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता केवल लंबित शिकायतों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि जनता को वास्तविक, समयबद्ध और संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने विभाग की लंबित शिकायतों और राजस्व प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) विनीत उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) देवेन्द्र कुमार पाण्डेय, समस्त उप-जिलाधिकारी एवं तहसीलदार सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
सूचना विभाग बागपत