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राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि यदि संसद में कोई विशेष कार्य या महत्वपूर्ण कार्यवाही नहीं होती है तो राहुल गांधी 5 अगस्त को हिसावदा पहुंचकर स्वर्गीय सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर अंतिम निर्णय उनके संसदीय कार्यक्रम और समय-सारिणी पर निर्भर करेगा।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरी तरह श्रद्धांजलि सभा है और इसे किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह कार्यक्रम स्वर्गीय सत्यपाल मलिक के परिवार और हिसावदा गांव के लोगों द्वारा आयोजित किया गया है, जिसमें उनके जीवन, संघर्ष और समाज के प्रति योगदान को याद किया जाएगा।

राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि स्वर्गीय सत्यपाल मलिक ने अपने सार्वजनिक जीवन में हमेशा किसानों, सैनिकों, कर्मचारियों और आम जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर रहने के बावजूद उन्होंने कई ऐसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी, जिन पर आमतौर पर सार्वजनिक चर्चा कम होती है।

उन्होंने कहा कि सत्यपाल मलिक किसानों के हितों के प्रबल समर्थक थे। किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने किसानों की मांगों और समस्याओं को लेकर कई बार अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखी। उनका मानना था कि किसानों की बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए।

राजेंद्र पाल गौतम ने यह भी कहा कि स्वर्गीय सत्यपाल मलिक सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हितों के प्रति भी बेहद संवेदनशील थे। उन्होंने विभिन्न अवसरों पर सेना और जवानों से जुड़े विषयों पर अपनी चिंता व्यक्त की और उनके सम्मान तथा अधिकारों की बात की।

उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले को लेकर भी सत्यपाल मलिक ने अपने विचार सार्वजनिक रूप से रखे थे और इस संबंध में सरकार की जवाबदेही का मुद्दा उठाया था। उनके इन बयानों ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया था और लंबे समय तक वे सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बने रहे।

राजेंद्र पाल गौतम के अनुसार, सत्यपाल मलिक का व्यक्तित्व स्पष्टवादिता, बेबाकी और निर्भीकता का प्रतीक था। उन्होंने अपने राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में कई बार ऐसे विषयों पर भी खुलकर अपनी बात रखी, जिन पर बोलने से अधिकांश लोग परहेज करते हैं। इसी कारण उन्हें अलग पहचान मिली।

उन्होंने बताया कि श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न राज्यों से किसान नेताओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों तथा स्वर्गीय सत्यपाल मलिक के शुभचिंतकों के पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रम में उनके जीवन, कार्यशैली और सामाजिक योगदान पर वक्ताओं द्वारा अपने विचार भी व्यक्त किए जाएंगे।

आयोजकों के अनुसार श्रद्धांजलि सभा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कार्यक्रम स्थल पर आगंतुकों के बैठने, पेयजल, सुरक्षा, पार्किंग तथा अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि स्वर्गीय सत्यपाल मलिक का जीवन केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के हितों को लेकर लगातार अपनी आवाज बुलंद की। यही कारण है कि आज भी किसान, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक उन्हें सम्मान और आदर के साथ याद करते हैं।

उन्होंने कहा कि यह श्रद्धांजलि सभा उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करने का अवसर है। इसमें शामिल होने वाले सभी लोग उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे और उनके विचारों तथा सार्वजनिक जीवन में दिए गए योगदान को स्मरण करेंगे।

गौरतलब है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने केवल यह संभावना जताई है कि यदि संसद की कार्यवाही में कोई विशेष व्यस्तता नहीं रही, तो नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हिसावदा पहुंचकर स्वर्गीय सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं।

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