सवाल पूछना देशविरोध नहीं है और न ही किसी को बिना जांच देशविरोधी घोषित कर देना देशभक्ति है।
अगर आपको लगता है कि सोनम वांगचुक या उनके संस्थान से जुड़े मामलों में अनियमितताएँ हुई हैं, तो इनके बारे में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेज़ और सरकारी रिकॉर्ड सामने रखिए। यदि संस्थान की मान्यता, जमीन आवंटन, फंडिंग, एनजीओ के वित्तीय लेन-देन या किसी विदेशी नागरिक अथवा संगठन से संबंधों को लेकर संदेह है, तो संबंधित एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की मांग कीजिए।
लेकिन सोशल मीडिया की अदालत लगाकर किसी को “देशद्रोही” घोषित कर देना, जेल भेजने की मांग करना या गालियाँ देना न तो लोकतंत्र है और न ही कानून का सम्मान।
देश कानून से चलता है, भीड़ के फैसलों से नहीं। यदि आरोप सही हैं तो जांच होगी और कार्रवाई भी होगी। यदि आरोप गलत हैं तो किसी नागरिक की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना भी गलत है।
Reply
अगर आपको लगता है कि सोनम वांगचुक या उनके संस्थान से जुड़े मामलों में अनियमितताएँ हुई हैं, तो इनके बारे में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेज़ और सरकारी रिकॉर्ड सामने रखिए। यदि संस्थान की मान्यता, जमीन आवंटन, फंडिंग, एनजीओ के वित्तीय लेन-देन या किसी विदेशी नागरिक अथवा संगठन से संबंधों को लेकर संदेह है, तो संबंधित एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की मांग कीजिए।
लेकिन सोशल मीडिया की अदालत लगाकर किसी को “देशद्रोही” घोषित कर देना, जेल भेजने की मांग करना या गालियाँ देना न तो लोकतंत्र है और न ही कानून का सम्मान।
देश कानून से चलता है, भीड़ के फैसलों से नहीं। यदि आरोप सही हैं तो जांच होगी और कार्रवाई भी होगी। यदि आरोप गलत हैं तो किसी नागरिक की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना भी गलत है।
Reply