Spread the love

सड़क हादसे में घायलों को 1.50 लाख तक का मिलेगा कैशलेस उपचार, 10 अस्पताल हुए नामित

जनपद में ब्लैक स्पॉट होंगे चिह्नित, हाईवे पर खराब लाइटों की मरम्मत के दिए निर्देश

हिट एंड रन दुर्घटना पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत दिलाने पर जोर, लंबित मामलों की हुई समीक्षा

एनएचएआई की सड़क सुरक्षा संकेतकों और जागरूकता पुस्तिका का हुआ विमोचन

बागपत 19 जून 2026 — सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, रोडवेज, शिक्षा विभाग समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में हिट एंड रन मामलों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में कुल 58 प्रकरणों में आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 23 पीड़ितों अथवा उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता का भुगतान किया जा चुका है। 10 मामले विभिन्न कारणों से लंबित हैं, जबकि 12 मामलों में आवश्यक दस्तावेज अधूरे पाए गए। सात प्रकरण नियमों के अनुरूप न होने के कारण निरस्त कर दिए गए हैं। वहीं छह मामलों में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का मिलान नहीं हो सका है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके।

बैठक में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संचालित कैशलेस उपचार योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जनपद में रामा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस खेकड़ा, जिला संयुक्त चिकित्सालय बागपत, सीएचसी सरूरपुर, आनंद हॉस्पिटल बड़ौत, आस्था हॉस्पिटल बड़ौत, सीएचसी बड़ौत, सीएचसी बिनौली, सर्वोदय हॉस्पिटल टटीरी, सीएचसी डौला तथा देवभूमि हॉस्पिटल बालैनी समेत 10 अस्पतालों को योजना के तहत नामित किया गया है। इन अस्पतालों में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि दुर्घटना के समय पीड़ितों को समय पर उपचार मिल सके और ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके।

जिलाधिकारी ने एआरटीओ को निर्देशित किया कि जिले में संचालित सभी विद्यालय वाहनों की नियमित जांच की जाए। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों को बार-बार नोटिस और अपील के बावजूद अपने वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र नवीनीकृत नहीं कराया गया है, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बैठक में जिले में संचालित अनफिट वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि बिना फिटनेस, बिना परमिट अथवा निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्कूल वाहनों में अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, जीपीएस जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं की भी जांच की जाए।

यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए जिलाधिकारी ने सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजारों, प्रमुख चौराहों और बस स्टैंड के आसपास अवैध कब्जों के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। संबंधित विभाग संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाएं और सड़क मार्गों को बाधारहित बनाएं।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध का प्रभावी अनुपालन कराया जाए। इसके लिए संकेतक बोर्ड, बैरिकेडिंग और जागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे उच्च गति का मार्ग है और वहां मोटरसाइकिलों का संचालन गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।

बैठक में सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि टोल प्लाजा और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा से संबंधित गीत, संदेश और ऑडियो-वीडियो सामग्री का प्रसारण कराया जाए। इससे लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने में मदद मिलेगी।

जिले में दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहां तत्काल सर्वे कराकर आवश्यक सुधारात्मक कार्य कराए जाएं। सड़क संकेतक, रिफ्लेक्टर, स्पीड कंट्रोल उपाय और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

जिलाधिकारी ने बस स्टैंड की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बसों के संचालन, यात्रियों के चढ़ने-उतरने और वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जाए। इसके अलावा संवेदनशील विद्यालयों और अधिक यातायात वाले क्षेत्रों में रंबल स्ट्रिप लगाने के निर्देश भी दिए गए, जिससे वाहनों की गति नियंत्रित की जा सके। बैठक में सड़कों पर टायर पंचर की दुकानों, अवैध पार्किंग तथा अन्य बाधाओं से यातायात प्रभावित होने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क पर किसी भी प्रकार का अवरोध नहीं होना चाहिए और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि हाईवे और प्रमुख मार्गों पर लगी स्ट्रीट लाइटें किसी भी स्थिति में बंद नहीं रहनी चाहिए। जहां भी प्रकाश व्यवस्था में कमी है, उसे तत्काल ठीक कराया जाए। पर्याप्त रोशनी से सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ती है। बैठक के दौरान एनएचएआई द्वारा प्रकाशित सड़क सुरक्षा जागरूकता पुस्तिका ‘योर सेफ जर्नी’ तथा विभिन्न सड़क सुरक्षा संकेतकों से संबंधित सामग्री का विमोचन भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन पुस्तिकाओं के माध्यम से आमजन को सुरक्षित यात्रा के नियमों और सावधानियों की जानकारी दी जाएगी।

एआरटीओ विपिन कुमार ने बैठक में विभागीय कार्रवाई और सड़क सुरक्षा अभियानों की जानकारी दी। वहीं रोडवेज अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बसों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और बस चालक निर्धारित स्थानों पर ही सवारियां चढ़ाएं-उतारें। सड़क पर अनियोजित तरीके से बस रोकने से जाम और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और आमजन को सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध हो सके।

इस अवसर पर एडीएम वित्त/राजस्व विनीत कुमार उपाध्याय, ईओ बड़ौत मनोज रस्तोगी, एनएचएआई के जेई अंकित सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

सूचना विभाग बागपत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

मांझी समाज के आरक्षण को सिर्फ भाजपा नहीं होने दे रहा है जबकि शिवराज सिंह चौहान 2013 से पहले बोलता था की केंद्र में भाजपा सरकार नहीं है मैं तो अनुशंसा करता हूं लेकिन दिल्ली में केंद्र सरकार नहीं दे रही है अब 2014 से केंद्र और राज्य मध्यप्रदेश दोनों जगहों पर भाजपा की सरकार है फिर भी आरक्षण नहीं दे रहा है क्योंकि मध्यप्रदेश के मंझी समाज चूड़ी पहन कर बैठे हुए हैं कट्टर हिंदू बन कर राष्ट्र को बचा रहे हैं इसके लिए सम्पूर्ण मांझी समाज की बहू बेटियों का इज्जत नीलाम हो जाय लेकिन भाजपा को नही छोड़ सकते हैं चाहे घर के इज्जत नीलाम क्यों नहीं हो जाए अभी एक दलाल को राज्य सभा भेज दिया उसका गीत गाने लगे हैं क्या उस नेता की ओकात है की टीकम गढ़ के मांझी समाज के नौजवान की हत्या और हरपालपुर की नम्रता रायकवार की ब्राह्मण द्वारा रेभ करके हत्यारे को सजा दिलवा दे किस काम का राज्य सभा भाजपा भेजा है जो मांझी समाज को न्याय ना दिलवा सकता है थू है ऐसे राज्य सभा के सदस्य को उसके प्रशंसा में फोटो खिंचवा कर मांझी समाज को बेइज्जती करने के बराबर है धिक्कार दिवस पर चर्चा नहीं किया वैसी धिक्कार दिवस सिर्फ दिखावा है जितना कट्टर हिंदू बनोगे उतना ही भाजपा आपको सामाजिक प्रताड़ना देगा शर्म से चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए़

sbobet88

×