यूपी में न्यूनतम मजदूरी की नई दरें लागू, कर्मचारियों को मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन; बोनस भुगतान के भी निर्देश
1अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी नई दरें, अकुशल से लेकर कुशल श्रमिकों तक की मजदूरी निर्धारित
लखनऊ 02 नवम्बर 2026 — जनपद के सभी प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों को शासन की ओर से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी और परिवर्तनीय महंगाई भत्ते सहित पूरा पारिश्रमिक देना होगा। इसके साथ ही पात्र कर्मचारियों को वर्ष 2025-26 का देय बोनस भी नियमानुसार भुगतान करना अनिवार्य होगा। अपर श्रम आयुक्त कल्पना श्रीवास्तव, लखनऊ क्षेत्र की ओर से जनपद के समस्त सेवायोजकों (नियोक्ताओं) से कर्मचारियों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने की अपील की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों को उनकी श्रेणी के अनुसार निर्धारित मजदूरी और अन्य देयकों का भुगतान समय से किया जाए।
अपर श्रम आयुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक के लिए परिवर्तनीय महंगाई भत्ते सहित न्यूनतम मजदूरी की नई दरें निर्धारित की गई हैं। इन दरों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी में गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद जनपद को शामिल किया गया है। यहां अकुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 12,885 रुपये और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता 998.59 रुपये निर्धारित किया गया है। इस तरह कुल मासिक मजदूरी 13,883.59 रुपये और दैनिक मजदूरी 533.98 रुपये होगी। अर्द्धकुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 14,173 रुपये और महंगाई भत्ता 1,098.41 रुपये सहित कुल मासिक मजदूरी 15,271.41 रुपये तथा दैनिक मजदूरी 587.36 रुपये तय की गई है। वहीं कुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 15,876 रुपये और महंगाई भत्ता 1,230.39 रुपये मिलाकर कुल मासिक मजदूरी 17,106.39 रुपये और दैनिक मजदूरी 657.94 रुपये निर्धारित की गई है।
दूसरी श्रेणी में उत्तर प्रदेश के नगर निगम वाले जिलों को शामिल किया गया है। इन जिलों में अकुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 12,241 रुपये और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता 948.68 रुपये निर्धारित किया गया है। इस प्रकार उनकी कुल मासिक मजदूरी 13,189.68 रुपये और दैनिक मजदूरी 507.30 रुपये होगी। अर्द्धकुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 13,464 रुपये और महंगाई भत्ता 1,043.46 रुपये सहित कुल मासिक मजदूरी 14,507.46 रुपये तथा दैनिक मजदूरी 557.98 रुपये तय की गई है। इसी तरह कुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 15,082 रुपये और महंगाई भत्ता 1,168.86 रुपये मिलाकर कुल मासिक मजदूरी 16,250.86 रुपये तथा दैनिक मजदूरी 625.03 रुपये निर्धारित की गई है।
तीसरी श्रेणी में उत्तर प्रदेश के द्वितीय श्रेणी के जिलों से भिन्न अन्य जिलों को रखा गया है। यहां अकुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 11,629 रुपये और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता 901.25 रुपये सहित कुल मासिक मजदूरी 12,530.25 रुपये तथा दैनिक मजदूरी 481.93 रुपये होगी। अर्द्धकुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 12,791 रुपये और महंगाई भत्ता 991.30 रुपये मिलाकर कुल मासिक मजदूरी 13,782.30 रुपये तथा दैनिक मजदूरी 530.09 रुपये तय की गई है। वहीं कुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 14,328 रुपये और महंगाई भत्ता 1,110.42 रुपये सहित कुल मासिक मजदूरी 15,438.42 रुपये तथा दैनिक मजदूरी 593.79 रुपये निर्धारित की गई है।
विभाग की ओर से सभी सेवायोजकों से बोनस भुगतान को लेकर भी अपील की गई है। नियोक्ताओं को वेतन संहिता, 2019 तथा तत्संबंधी केंद्रीय एवं उत्तर प्रदेश नियमावली, 2026 में बोनस भुगतान के संबंध में निर्धारित व्यवस्था और लागू प्रावधानों के अनुसार सभी पात्र कर्मचारियों को लेखा वर्ष 2025-26 का देय बोनस नियमानुसार और निर्धारित समयावधि में देना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक अप्रैल 2026 के बाद कार्यभार संभालने वाले नए कर्मचारियों को नियमानुसार अगले लेखा वर्ष में बोनस की पात्रता मिलेगी।
अपर श्रम आयुक्त ने नियोक्ताओं को यह भी निर्देश दिये है कि कर्मचारियों को देय मजदूरी और बोनस का भुगतान पारदर्शी तरीके से किया जाए। इसके साथ ही भुगतान से संबंधित अभिलेखों का समुचित रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका सत्यापन किया जा सके। उन्होंने कहा कि श्रमिक हितों को सर्वोपरि रखते हुए श्रम कानूनों के प्रावधानों का पालन करना सभी सेवायोजकों की जिम्मेदारी है। श्रमिकों को उनके विधिसम्मत देयकों का भुगतान कर औद्योगिक सौहार्द और श्रमिक कल्याण में सहयोग प्रदान किया जाए।