Spread the love

-दिलीप पाण्डेय

इस बार बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में अभूतपूर्व चुनाव लड़ा । सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और केंद्रीय बलों का योगदान बीजेपी के लिए 100 प्रतिशत रहा । अब बीजेपी ये बहाना नहीं बना सकती है कि क्या करें हिंदू राष्ट्र नहीं बना सकते क्योंकि संविधान इजाजत नहीं दे सकता है । जब पूरी ताकत लगाकर किसी भी तरह से पश्चिम बंगाल का चुनाव जीता जा सका है तो फिर संविधान की ताकत को हिंदू राष्ट्र की तरफ क्यों नहीं मोड़ा जा सकता है ?

880 साल बाद बंगाल बदला है !

1204 ईस्वी में बख्तियार खिलजी ने नदिया पर आक्रमण कर मुस्लिम शासन की नींव रखी थी । 553 साल तक पश्चिम बंगाल में मुस्लिम राज रहा और फिर 1757 में प्लासी की जंग के बाद 190 साल तक अंग्रेजों का राज रहा और अब आजादी के बाद 75 सालों तक बंगाल में मुस्लिम प्रभाव वाली ही सरकारें रहीं अब 880 साल बाद पश्चिम बंगाल में मुस्लिम प्रभाव से मुक्त सरकार बनने की बात कही जा सकती है । (डिस्क्लेमर- अगर बाकी राज्यों की तरह पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने मुस्लिम तुष्टीकरण नहीं किया तो)

घरवापसी के लिए कानून लाने का सही वक्त

लेकिन अब 880 साल के बाद जब इतने बड़ा परिवर्तन का जनादेश हिंदू जनता के द्वारा दिया गया है तो अब प्रधानमंत्री मोदी का कर्तव्य है कि वो देश में एक ऐसा कानून बनाएं जो घरवापसी करवाए क्योंकि तमिलनाडु में एक नई पार्टी के नेता थलपति विजय की जीत, दरअसल एक ईसाई व्यक्ति की जीत है । भारत पर जिहादी और ईसाईवाद का खतरा लगातार बढ़ रहा है पूरे भारत में अब बीजेपी की सरकारें हैं और बीजेपी सरकारों को बड़े पैमाने पर घरवापसी का सरकारी अभियान चलाना चाहिए ।

पश्चिम बंगाल में अगर भीमवाद बढ़ा तो महिषासुर की पूजा होगी

बीजेपी को अंबेडकरवाद का प्रयोग पश्चिम बंगाल में बिलकुल नहीं करना चाहिए । क्योंकि दलित संगठनों के बहुत सारे बुद्धिजीवी महिषासुर को मूलनिवासी मानते हैं । अगर चरमपंथी दलित संगठनों को बेलगाम छोड़ दिया गया तो पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा भी मुश्किल हो जाएगी । पूरे बंगाल के चुनाव प्रचार में ना तो कहीं अंबेडकर का नाम लिया गया ना ही कहीं इनका नारा लगा । आज मतगणना के दिन सबने कहा कि ये हिंदुत्व की जीत है तो कृपया अब सरकार बनाने के बाद भी हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां लगवाई जाएं ना कि अंबेडकर की ।

बांग्लादेश की घटनाओं का हिंदू जनमानस पर असर पड़ा है

पश्चिम बंगाल में जिस तरह 70 से 80 प्रतिशत हिंदुओं ने एकजुट होकर मतदान किया है वो अभूतपूर्व है । हिंदू जागा है ये अच्छा है लेकिन अब बीजेपी इनके साथ विश्वासघात ना करे बल्कि असम और बंगाल दोनों ही जगहों पर पूरी तरह से घुसपैठियों को बाहर करके देश को जिहाद के अभिशाप से मुक्त करने का काम करे । चुनाव जीतने से कुछ नहीं होता जमीन पर काम होना चाहिए । यही प्रार्थना ।

धन्यवाद
दिलीप पाण्डेय
शेयर, रीट्वीट, फॉलो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

×