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आयुष्मान में प्रदेश में अव्वल बागपत, अब लक्ष्य शत-प्रतिशत कवरेज का—कोई पात्र परिवार वंचित न रहे

संचारी रोगों पर सीधा प्रहार, गांव-शहर में अभियान को जनआंदोलन बनाने के निर्देश—स्वच्छता और जागरूकता पर जोर

टीबी उन्मूलन को मिशन मोड में चलाने के निर्देश—हर मरीज तक पोषण और उपचार पहुंचाना अनिवार्य

जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक, योजनाओं की गहन समीक्षा — लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

आयुष्मान, टीबी नियंत्रण, संचारी रोग अभियान सहित सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा, शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति पर जोर

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर एक्शन, 05 आशाओं की हुई सेवा समाप्ति, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

बागपत, दिनांक 22 अप्रैल 2026। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (गवर्निंग बॉडी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, संचारी रोग नियंत्रण अभियान, दस्तक अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत एवं बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद की प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई केवल कागजी प्रगति तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में साफ-सफाई, दवाओं की समय पर उपलब्धता, मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या नियमों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की समीक्षा के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जनपद बागपत ने प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। कुल 97,933 पात्र परिवारों के सापेक्ष 92,174 परिवारों को कम से कम एक आयुष्मान कार्ड से आच्छादित किया जा चुका है, जो 94.12 प्रतिशत उपलब्धि है और इस उपलब्धि के साथ बागपत प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। इसी प्रकार सदस्य पंजीकरण में 5,12,368 लक्ष्य के सापेक्ष 3,57,056 सदस्य पंजीकृत किए गए हैं, जो 69.69 प्रतिशत उपलब्धि है और इसमें जनपद ने प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शेष पात्र परिवारों और सदस्यों का शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाए तथा विशेष अभियान चलाकर अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचाया जाए।

वरिष्ठ नागरिकों (70 वर्ष से अधिक आयु) के आयुष्मान कार्ड सत्यापन की समीक्षा में पाया गया कि 38,381 के लक्ष्य के सापेक्ष 22,704 कार्ड सत्यापित किए गए हैं, जो 61.25 प्रतिशत उपलब्धि है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वृद्धजनों को प्राथमिकता देते हुए घर-घर जाकर अभियान चलाया जाए और शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, विशेषकर वृद्धाश्रमों एवं असहाय वर्गों में विशेष ध्यान दिया जाए।

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान पाया गया कि टीबी रोगियों की अधिसूचना में 833 के लक्ष्य के सापेक्ष 799 रोगियों को चिन्हित किया गया है, जो 96 प्रतिशत उपलब्धि है। बैक्टीरियोलॉजिकल पुष्टि में 372 के लक्ष्य के सापेक्ष 346 उपलब्धि (93 प्रतिशत) दर्ज की गई, जबकि डीएसटीबी मरीजों की सफलता दर 98 प्रतिशत रही। हालांकि निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत 750 के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 342 लाभार्थियों को लाभ दिया गया है, जो 46 प्रतिशत है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि निक्षय मित्रों के माध्यम से शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाए और कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित न रहे। ड्रग रेजिस्टेंट टीबी के मामलों में 87 प्रतिशत उपलब्धि तथा बच्चों को INH प्रोफिलैक्सिस और PLHIV के लिए TPT में 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, जिसे बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक संचालित विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यह अभियान जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से संचालित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि गांव और शहरी क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, जलभराव वाले स्थानों पर एंटी-लार्वा छिड़काव कराया जाए, आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों के विरुद्ध यह अभियान जनस्वास्थ्य से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अस्पतालों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य इकाइयों में साफ-सफाई, दवा उपलब्धता, रिकॉर्ड संधारण और मरीजों के साथ व्यवहार में सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि नियमित निरीक्षण कर कमियों को चिन्हित करें और तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल उपचार नहीं बल्कि जनविश्वास का आधार हैं और इसे बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। पीसीपीएनडीटी एक्ट की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात सुधार प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग आवश्यक है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में पाया गया कि आरसीएच कार्यक्रम के अंतर्गत माताओं के पंजीकरण तथा बच्चों के पंजीकरण में उपलब्धि दर्ज की गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रसव के बाद महिलाओं को कम से कम 48 घंटे तक अस्पताल में उचित देखभाल, भोजन और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं तथा मातृ मृत्यु के मामलों में कमी लाने के लिए विशेष रणनीति अपनाई जाए।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों की स्क्रीनिंग एवं उपचार की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि अति कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया जाए और सभी सीएचसी में एनआरसी सक्रिय रखा जाए। परिवार नियोजन कार्यक्रम में अपेक्षाकृत कम प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत नेत्र परीक्षण शिविरों और मोतियाबिंद ऑपरेशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि सभी ब्लॉकों में नियमित नेत्र शिविर आयोजित किए जाएं और अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जाए। मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 एवं 1800-891-4416 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए और कहा कि प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाई जाए।
बैठक में प्रशासनिक अनुमोदन से संबंधित प्रकरणों पर भी विचार किया गया। इसके अतिरिक्त जनपद में अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक शून्य सरकारी संस्थागत प्रसव कराने वाली आशा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए चिकित्सा अधीक्षक द्वारा उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। जिन आशाओं की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उनमें बड़ौत ब्लॉक की विमलेश (ग्राम बावली), नीतू (ग्राम गोपालपुर खड़ाना), पूनम (ग्राम बड़ौली) तथा बिनौली ब्लॉक की कमलेश (ग्राम भगवानपुर) एवं दीप्ता (ग्राम नांगल भगवानपुर) शामिल हैं। इन सभी मामलों में सेवा समाप्ति के अनुमोदन हेतु जिला स्वास्थ्य समिति के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में संविदा कर्मचारियों के प्रदर्शन मूल्यांकन की समीक्षा करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के कार्यों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु वेतन वृद्धि एवं सेवा नवीनीकरण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी संविदा कर्मचारियों का मूल्यांकन पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ किया जाए और केवल योग्य एवं कार्यकुशल कर्मचारियों को ही सेवा विस्तार दिया जाए।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका प्रभाव आमजन के जीवन में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करें तथा यह सुनिश्चित करें कि जनपद का प्रत्येक नागरिक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समयबद्ध रूप से प्राप्त कर सके।

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ तीरथ लाल जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉक्टर सुरुचि शर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉक्टर यशवीर, अधिशासी अधिकारी के के भड़ाना ,जिला स्तरीय अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

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