कश्यप समाज से अपील: आपसी लड़ाई बंद करो, एकजुट होकर चुनाव लड़ो! अन्यथा टिकट समाज के किसी भी व्यक्ति को ना मिलकर अन्य समाज के लोगों के पास पहुंच जाएगा तुम्हारी आपस की लड़ाई में, समाज तुम्हारी गुटबाजी पर तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा। क्योंकि तुम लोगों को काम बिगाड़ना आता है खोणा खिंडाणा आता है भरे हुए खीर के बेल्ले में लात मारनी आती है समेटना आता नहीं।आप लोगों की विचारधारा क्या है क्या आप समाजवाद से हो क्या आप अंबेडकरवाद से हो क्या आप गांधीवाद से हो और कश्यपवाद से काम नहीं चलेगा? मतलब विचारधाराओं से विमुक्ता की ओर
दावेदारी अनेक हो सकती है लेकिन किसी भी विधानसभा पर पार्टी टिकट किसी एक का ही घोषित करेगी।
कश्यप समाज से मेरा विनम्र आग्रह है कि आपस में लड़ना, एक-दूसरे का विरोध करना और समाज को गुटों में बाँटना बंद करें।
लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को चुनाव लड़ने का सपना देखने, टिकट माँगने और अपनी दावेदारी प्रस्तुत करने का पूरा अधिकार है। कोई भी सामाजिक संगठन अपने समर्थित व्यक्ति को उम्मीदवारी घोषित कर सकता है। टिकट माँगना गलत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
लेकिन चुनाव की वास्तविक लड़ाई तब शुरू होती है, जब किसी राष्ट्रीय या क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी से आधिकारिक टिकट घोषित होता है। टिकट मिलने के बाद उसी प्रत्याशी को चुनाव लड़ना है और समाज की सामूहिक ताकत उसके साथ खड़ी होनी चाहिए। उसी के साथ खड़ी होगी।
दावेदारी अनेक हो सकती हैं, लेकिन चुनाव के समय समाज की एकजुटता एक होनी चाहिए, जिसका टिकट राष्ट्रीय पार्टी या क्षेत्रीय दल से मिलेगा।
कोई भी दल सबसे पहले अपने निष्ठावान, ईमानदार, कर्मठ, समर्पित सदस्य या कार्यकर्ता पर ही विश्वास जताएगी जो 10 से 15 साल से पार्टी के लिए निष्ठावान बना हुआ है। जिसकी विचारधारा मजबूत होगी।
जो भी कश्यप समाज का व्यक्ति किसी राष्ट्रीय या क्षेत्रीय पार्टी से टिकट प्राप्त करे, समाज को उसके साथ मिलकर चुनाव में सहयोग करना चाहिए। टिकट न मिलने पर आपसी दुश्मनी, आरोप-प्रत्यारोप और समाज को कमजोर करने वाली राजनीति से बचना चाहिए।
याद रखिए, समाज की ताकत आपसी लड़ाई में नहीं, बल्कि एकता, संगठन और लोकतांत्रिक समझदारी में है।
टिकट माँगना सबका अधिकार है, लेकिन समाज को बाँटना किसी के हित में नहीं।
सारे तो विधायक नहीं बन सकते उनमें से कुछ जिला पंचायत का टिकट मांग सकते हैं कुछ नगर पालिका अध्यक्ष का टिकट मांग सकते हैं
आइए, व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर उठकर कश्यप समाज के सम्मान, प्रतिनिधित्व और राजनीतिक भविष्य के लिए एकजुट हों।
✍️ AKS