65% बेरोज़गार ग्रेज़ुएट्स,
Gen-Z की टूटी आँखों में सपनों का मरघट,
Alpha की नई पीढ़ी,
तुरंत रिज़ल्ट की उम्मीद में जलती हुई साँसें।




इस भयंकर घोटालेबाज़ सरकार की,
खुद को बचाने की जुगाड़ में
जनता की जान को दाँव पर लगाकर
योजनाबद्ध गलतियाँ कर डालना,
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महात्मा गांधी,पंडित जवाहरलाल नेहरु, इंदिरा जी,राजीव जी और सरदार मनमोहन सिंह जी ने सालो मेहनत कर बनाई उत्कृष्ट छवि को अनपढ़ गँवार ने
पलीता लगा दिया —
यह किसी भयंकर अनहोनी का स्पष्ट संकेत है।
मोदी का Epstein files में दर्ज नाम छुपाना,
अपने मित्र ईरान के साथ खड़ा न होना,
देश की 140 करोड़ जनता के पैरो पर बेरहमी से कुल हाडी से वार किया है।
खीसे निपोर कर बेशर्मी से ही ही हा हा कर जनता के भविष्य से विश्वासघात करना।
जनता अब भी बर्दाश्त कर रही है।
शायद यूनिवर्स यही चाहता है…?
कि दुनियाभर से राक्षसों का राज़ खत्म हो!
श्रृष्टि फिर से अच्छे और स्वस्थ दिमाग लोगो को
पुनर्स्थापित करना चाहती है।
— राकेश भारद्वाज
सदस्य AICC,2017