❤️प्रेमिका आज आ गई❗🌹❤️
पैंशन
जब बालों में चांदी जैसी चमक आने लगे,
घुटनों में कट-कट का मधुर संगीत गूँजने लगे,
और बिना चश्मे के दुनिया 4K में न दिखे —
तब नौकरीपेशा की महबूबा कहती है —
“अब आप सेवानिवृत्त हो रहे हैं,
लेकिन मैं आपकी ऐसी नायिका हूँ…
जो आपको कभी नहीं छोड़ूंगी…”
उस नायिका का नाम है —
पैंशन!
वाह, वाह…
ये है ऐसी वफादार प्रेमिका,
जो हर महीने आती है और कहती है —
“डार्लिंग, मैं आ गई हूँ,
अब मैं पूरे महीने तुम्हारे साथ रहूँगी!”
ये नखरे नहीं करती,
कभी डेट मिस नहीं करती,
कभी ब्रेकअप नहीं करती,
कभी मूड खराब नहीं करती।
ये है ऐसी सरल, सुन्दर और संस्कारी नायिका,
इसे देखकर दिल कहता है—
“मैं तुमसे प्यार करता रहूँगा… जीवन भर!”
जवानी में नौकरी
पहली नज़र के प्यार जैसी होती है,
लेकिन पैंशन
जीवन भर के हनीमून जैसी होती है
मीठा, शांत, स्थिर और सहारा देने वाला।
और जब शाम को
हम चाय और नाश्ते के साथ बैठते हैं,
तब पैंशन महबूबा
आपका हाथ थामकर कहती हैं —
“डरो मत, हीरो…
मैं यहाँ हूँ, पूरी फिल्म में तुम्हारे साथ।”
अंत में, यह समझ में आता है—
सैलरी एक अ-स्थायी प्रेमिका है,
लेकिन पेंशन
जीवन की असली नायिका है,
जो आखिरी दृश्य तक हमारा साथ देगी…
और फिल्म को सुखद अन्त देगी।
बस हर साल नवम्बर में आपको साबित करना होता है कि इस महबूबा के लिए आपका दिल अभी भी धड़क रहा है।
सभी पेंशनरों को समर्पित।🙏🏻🙏🙏🏻