बागपत में टीमवर्क की मिसाल बना विधान परिषद चुनाव, डीएम-एसपी की निगरानी में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न
सुबह आठ बजे से फील्ड में सक्रिय रहे डीएम दिव्यांशु पटेल और एसपी पूर्णेन्दु सिंह, सात केंद्रों के 21 मतदेय स्थलों पर पूरी हुई मतदान प्रक्रिया
प्रशिक्षण से मतपेटियों को सुरक्षित मेरठ भेजने तक हर स्तर पर दिखा समन्वय, डीएम ने निर्वाचन टीम के कार्य को सराहा
जोनल मजिस्ट्रेट से बूथ कर्मियों तक, सबके समन्वय से शांतिपूर्ण संपन्न हुआ चुनाव, सोशल मीडिया पर सूचना विभाग की रही नजर
बागपत दिनांक 23 अक्टूबर 2026 — लोकतंत्र की मजबूती प्रत्येक मतदाता को निर्भय वातावरण देने, निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने और जिम्मेदारी से हर चरण पूरा करने से तय होती है। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मेरठ खंड स्नातक एवं खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 में बागपत प्रशासन ने इसी जिम्मेदारी के साथ काम करते हुए शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराया। सात मतदान केंद्रों पर बनाए गए 21 मतदेय स्थलों पर मतदान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सकुशल संपन्न हुआ। स्नातक क्षेत्र का मतदान प्रतिशत 45.681 रहा जबकि शिक्षक क्षेत्र का मतदान प्रतिशत 57.831 रहा। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दिव्यांशु पटेल और पुलिस अधीक्षक पूर्णेन्दु सिंह सुबह आठ बजे से ही फील्ड में सक्रिय रहे। मतदान केंद्रों के भ्रमण से लेकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी तक दोनों अधिकारियों की सक्रियता के बीच प्रशासन ने समन्वय के साथ निर्वाचन की जिम्मेदारी निभाई। मतदान संपन्न होने के बाद मतपेटियों को भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित जमा कराया गया। निर्वाचन के हर चरण में जुटे अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगी विभागों के योगदान की जिलाधिकारी ने सराहना की।
इस सफलता के पीछे पहले से की गई तैयारियां, कार्मिकों का प्रशिक्षण और जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण भी रहा। निर्वाचन कार्यक्रम के तहत नौ अक्टूबर को मतदान अधिकारियों का प्रथम प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट सभागार में द्वितीय प्रशिक्षण हुआ। इसमें जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के निर्देशों, मतदान प्रक्रिया और दायित्वों की जानकारी दी गई। निर्वाचन कार्यों के विशेषज्ञ प्रशिक्षक डॉ सत्यवीर सिंह ने उदाहरणों के माध्यम से प्रक्रिया को सरल ढंग से समझाया, ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति न रहे जिसकी जिलाधिकारी ने भी प्रशंसा की। जिलाधिकारी ने सभी कार्मिकों को पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए थे। निर्वाचन को संपन्न कराने के लिए जनपद में 84 मतदान कार्मिकों के साथ तीन जोनल मजिस्ट्रेट, सात सेक्टर मजिस्ट्रेट और 21 सूक्ष्म पर्यवेक्षक तैनात किए गए थे। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 14 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए सात मतदेय स्थल निर्धारित थे। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 3,982 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 3,735 मतदाता पंजीकृत थे। इस प्रकार अलग-अलग जिम्मेदारियों के साथ काम कर रही टीम के सामने मतदान की निष्पक्षता बनाए रखने के साथ निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी। प्रशिक्षण से लेकर मतदान तक कार्मिकों की भूमिका इसी व्यवस्था की अहम कड़ी रही। मतदान से एक दिन पहले 22 अक्टूबर को मतदान दलों की रवानगी की व्यवस्था भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की गई। कलेक्ट्रेट स्थित लोकमंच से मतदान कार्मिक को आवश्यक निर्वाचन सामग्री के साथ रवाना करने की व्यवस्था बनाई गई थी। मतपत्र, मतपेटिकाओं, मतदाता सूची और अन्य जरूरी सामग्री के साथ मतदान केंद्रों तक पहुंचने तथा समय से जिम्मेदारी संभालने की प्रक्रिया निर्वाचन प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों की जिम्मेदारी अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं पर नजर रखने की थी। मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन कराने पर जोर दिया गया।
सुबह 8.00 बजे से मतदान शुरू होने के साथ ही जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दिव्यांशु पटेल और पुलिस अधीक्षक पूर्णेन्दु सिंह ने फील्ड में सक्रिय रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मतदान केंद्रों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग ने आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए। पुलिस अधिकारियों एवं तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका मतदान केंद्रों पर अनुशासन और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने में महत्वपूर्ण रही। प्रशासनिक अधिकारियों ने मतदान प्रक्रिया की निगरानी के साथ निर्वाचन कार्मिकों का उत्साहवर्धन भी किया। इस दौरान उपजिलाधिकारियों, जोनल मजिस्ट्रेटों, सेक्टर मजिस्ट्रेटों, पीठासीन अधिकारियों, मतदान अधिकारियों और सूक्ष्म पर्यवेक्षकों ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन किया। मतदान केंद्रों पर तैनात कार्मिकों से लेकर क्षेत्रीय निगरानी में जुटे अधिकारियों तक, प्रत्येक स्तर पर समन्वय बनाए रखना जरूरी था। मतदान के दौरान आने वाली सूचनाओं पर ध्यान देना, निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना और मतदान समाप्त होने के बाद निर्वाचन सामग्री को व्यवस्थित ढंग से जमा कराना भी इसी जिम्मेदारी का हिस्सा रहा। शांतिपूर्ण मतदान के साथ पूरी प्रक्रिया को नियमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम रहा। कलेक्ट्रेट में स्थापित कंट्रोल रूम ने भी निर्वाचन व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यहां तैनात कार्मिक लगातार सक्रिय रहे और निर्वाचन संबंधी सूचनाओं पर नजर बनाए रखी। फील्ड में काम कर रहे अधिकारियों और नियंत्रण व्यवस्था के बीच समन्वय बनाए रखना निर्वाचन प्रबंधन की अहम जरूरत थी। सूचना विभाग की ओर से सोशल मीडिया माध्यमों पर निगरानी रखी गई, जिससे निर्वाचन से संबंधित सूचनाओं पर नजर बनी रही। परिवहन विभाग का योगदान भी निर्वाचन कार्य की महत्वपूर्ण कड़ी रहा। निर्वाचन से संबंधित अधिकारियों, कार्मिकों और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए समयबद्ध परिवहन प्रबंधन रहा जिसमें एआरटीओ विपिन कुमार ने सराहनीय कार्य किया। इसी प्रकार कलेक्ट्रेट में निर्वाचन सामग्री जमा कराने की व्यवस्था संभालने वाले कार्मिकों, अभिलेखों का मिलान करने वाले कर्मचारियों और पूरी प्रक्रिया में सहयोग करने वाले अन्य कर्मियों की भूमिका भी कम महत्वपूर्ण नहीं रही।
मतदान समाप्त होने के बाद निर्वाचन प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण चरण मतपेटियों और आवश्यक अभिलेखों को सुरक्षित जमा कराना था। संबंधित मतदान कार्मिकों, पीठासीन अधिकारियों एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत कलेक्ट्रेट लोकमंच पर मतपेटिकाएं जमा कराईं। अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव कुमार राय तथा अपर जिलाधिकारी न्यायिक देवेंद्र कुमार पांडे की देखरेख में मतपेटियों और निर्वाचन संबंधी सामग्री को जमा कराने की कार्रवाई की गई। आवश्यक अभिलेखों और अन्य सामग्री को भी नियमानुसार जमा कराया गया।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दिव्यांशु पटेल ने विधान परिषद निर्वाचन को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने में जुटे सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगी विभागों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना लोकतंत्र के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इस दायित्व के निर्वहन में प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की भूमिका अहम होती है। बागपत में निर्वाचन कार्य से जुड़े कार्मिकों ने प्रशिक्षण से लेकर मतदान, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, निर्वाचन संबंधी सूचनाओं की निगरानी तथा मतदान के बाद मतपेटियों और आवश्यक अभिलेखों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित जमा कराने तक प्रत्येक चरण में पूरी तत्परता, सजगता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में लगे कार्मिकों का अनुशासन, आपसी समन्वय और जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता सराहनीय रही। प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों की सतत निगरानी, मतदान केंद्रों पर तैनात कार्मिकों की मुस्तैदी, कंट्रोल रूम की सक्रियता, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तथा परिवहन सहित विभिन्न सहयोगी विभागों के समन्वित प्रयासों से निर्वाचन प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हुई।
सूचना विभाग बागपत