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लखनऊ ::- प्रदेश में 18 फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं के लिए तैयारियों में हर जिले में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इसी के साथ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। परीक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की पोस्ट पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की तैयारी बैठक के बाद परीक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि जिला कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनीटरिंग के साथ ही दो फोन नंबर व ई-मेल भी शिकायत व सुझाव लेने के लिए जारी किए जाएंगे। अनुचित तरीके से पेपर प्रिंट करने, जारी करने व सोशल मीडिया पर अफवाह पर त्वरित कार्यवाही के लिए क्विक रिस्पांस टीमें तैनात की जाएंगी। संवेदनशील, अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की विशेष निगरानी के लिए टीमों का गठन और जरूरत के अनुसार एसटीएफ व एलआईयू से भी समन्वय रखा जाए। उन्होंने कहा है कि विभागों व जिला प्रशासन से समन्वय कर परीक्षा केंद्र के रूटों पर बसों का संचालन और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध, फोटोकॉपी की दुकानें बंद रहेंगी। विभाग व जिला स्तर के अधिकारियों की टीम बनाकर स्ट्रांग रूम की रात रैंडम जांच भी कराएं।
ये अधिकारी करेंगे मंडल स्तर पर निगरानी
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से बोर्ड परीक्षा के निरीक्षण व पर्यवेक्षण के लिए 18 मंडलीय व हर जिले में एक-एक अधिकारी तैनात किया है। मंडल स्तर पर अपर परियोजना निदेशक राजेंद्र प्रसाद को आगरा, एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक पवन सचान को अलीगढ़, उप शिक्षा निदेशक प्राइमरी संजय कुमार उपाध्याय को मेरठ, संयुक्त शिक्षा निदेशक राम प्रताप शर्मा को सहारनपुर, उप शिक्षा निदेशक संस्कृत रामाज्ञा कुमार को मुरादाबाद आवंटित किया गया है। इसी तरह संयुक्त शिक्षा निदेशक महेंद्र कुमार को बरेली, संयुक्त शिक्षा निदेशक विवेक नौटियाल को लखनऊ, अपर शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी को कानपुर, डायट प्राचार्य औरैया गंगा सिंह राजपूत को झांसी, अपर निदेशक पत्राचार संस्थान छेदी लाल चौरसिया को चित्रकूट, अपर शिक्षा निदेशक कामता राम पाल को प्रयागराज, निदेशक साक्षरता व वैकल्पिक शिक्षा अनिल भूषण चतुर्वेदी को अयोध्या मंडल की जिम्मेदारी दी गई है।

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