सचाई:- मनरेगा / VBGRAMG की :- इनमे कोई मजदुर काम नहीं करता, जो लोग इनमे दीखते है वो सब हस्ताक्षर जीवी है। वो मजदूरी बनती है वो बन्दर बात है।
वास्तव में आज जो मजदूरी चल रही वो 600 रूपये प्रतिदिन है।
जबकि:- मनरेगा / VBGRAMG की मजदूरी 1 अप्रैल, 2025 से लागू हुई है; जैसे, उत्तर प्रदेश (UP) में यह बढ़कर ₹237 हुई है,
अट्टा 35 रूपये KG
हरा साग 40 रूपये KG
बचो की फ़ीस
कपडे
अन्य घर खर्च
सभी हिसाब लगाए तो 600 रूपये में घर नहीं चलता।
237 रूपये मजदूरी ऊंट के मुँह में जीरा भी नहीं
सचाई:- मनरेगा / VBGRAMG सिर्फ हस्ताक्षर जीवी मजदूरी है। यानि सरकारी मजदुर सरकार के कहते में दिखने के लिए केवल हस्ताक्षर करते है। और जब जाँच अये तो काम करते दिखे ये है सचाई:- मनरेगा / VBGRAMG
इसमें कितनी सचाई है जरूर बताइयेगा?
2014 में मनरेगा की दैनिक मजदूरी अलग-अलग राज्यों के लिए अलग थी, लेकिन वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए न्यूनतम औसत अधिसूचित मजदूरी दर ₹155 थी, और 1 अप्रैल, 2014 से त्रिपुरा जैसे राज्यों में यह दर बढ़ाकर ₹155, और पश्चिम बंगाल में अकुशल श्रमिकों के लिए ₹169 प्रति दिन कर दी गई थी, जो राज्य के हिसाब से तय होती थी. ………………………xxxxxxxxxxxxxxxxxx……………….. मनरेगा (MGNREGA) में प्रति दिन की मज़दूरी हर राज्य के लिए अलग-अलग होती है और यह केंद्र सरकार द्वारा तय की जाती है, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1 अप्रैल, 2025 से लागू हुई है; जैसे, उत्तर प्रदेश (UP) में यह बढ़कर ₹237 हुई है, जबकि कुछ राज्यों में ₹370 (हरियाणा में ₹400) तक है, यह दर राज्य के न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के अनुसार तय होती है और सीधे बैंक खाते में आती है।