नितिन कुमार सिंह बागपत।

बागपत कलेक्ट्रेट में आजाद समाज पार्टी के नेतृत्व में महिला आरक्षण नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में आधी आबादी के लिए 50% आरक्षण सुनिश्चित तथा दलित आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए कोटे के अंदर कोटा सुनिश्चित करने हेतु तथा स्थानीय निकायों में आदि आबादी को 50% आरक्षण देने हेतु एक मांग पत्र माननीय मामाहीन राष्ट्रपति महोदय भारत सरकार नई दिल्ली को बागपत कलेक्ट्रेट में बागपत कलेक्ट्रेट प्रभारी को दिया। ज्ञापन में ओबीसी समाज को लोकसभा और विधानसभा में उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की एससी एसटी और ओबीसी के लिए राज्यसभा और विधान परिषद में भी उचित प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने, पदोन्नति में एससी एसटी ओबीसी को आरक्षण का लाभ, जाति जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कालम जोड़ा जाए तथा ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी तरीके से आकलन किया जाए। उच्च न्यायालय में एससी एसटी ओबीसी का प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए जजो और नियुक्ति के लिए क्लोजिंग अवस्था समाप्त कर उच्च न्यायिक आयोग का गठन किया जाए। ओबीसी के क्रीमीलेयर निर्धारण हेतु स्थाई मानदंड की लंबे समय से लंबित समीक्षा एवं संशोधन तात्कालिक तत्काल किया जाए।

यूजीसी विनियम 2026 पर लगी रोकन शीघ्र हटाया जाए और इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाए। कानून का प्रारूप देकर प्रभावी एवं पदाधिकारी बनाया जाए ताकि उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव पर ठोस रोक लगा सके और छात्रों को सुरक्षित सम्मानजनक और भेदभाव मुक्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।एससी एसटी एक्ट के मामले में पीड़ितों को मिलने वाली राशि बढ़ाकर 30 लख रुपए की जाए तथा यह राशि दोषी साबित होने वाले आरोपित से वसूली की जाए। पुलिस की विवेचना और अभियोजन व्यवस्था को जवाब देह बनाया जाए। सिर्फ नौकरी में नहीं संसाधनों और निर्णय की प्रक्रिया में भी सम्मान भागीदारी चाहिए। सभी प्रकार के सरकारी ठेकों और सरकारी खरीद में एससी एसटी ओबीसी को आरक्षण का लाभ दिया जाए मंडल आयोग की सभी सिफारिश पूर्ण रूप से लागू किया जाए। केंद्र एवं राज्य सरकारों की योजनाओं और बजट में आबादी के अनुपात में एससी एसटी ओबीसी वंचित वर्ग की हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए। ओबीसी का उचित प्रतिनिधि सुनिश्चित किया जाए। केवल मजदूरी नहीं बल्कि प्रबंधन निर्णय लेने वाली संस्थाओं और नेतृत्व के पदों पर भी भागीदारी दी जाए। जाति के नाम पर होने वाले भेदभाव और सामाजिक उत्पीड़न को पूर्णता समाप्त किया जाए। केंद्र एवं राज्य सरकारों में एससी एसटी ओबीसी के सभी ब्लॉक पद को तत्काल भरा जाए।

लैटरल एंट्री को बंद किया जाए तथा आउटसोर्सिंग के स्थान पर सभी सरकारी सेवाओं में स्थाई नियुक्ति की जाए। एससी एसटी ओबीसी अभ्यर्थियों का शोषण बंद किया जाए बड़े पैमाने पर छात्रावासों का निर्माण किया जाए। जब तक सरकार अपने स्तर पर छात्रावासों की इमारत का निर्माण नहीं कर देती तब तक सुरक्षित एवं सुविधायुक्त भवन किराए पर लेकर विद्यार्थियों के लिए किफायती आवास और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।मीडिया संस्थानों में ऐतिहासिक रूप से वंचित समाज की पर्याप्त भागीदारी और प्रभावी प्रतिनिधि सुनिश्चित की जाए। सफाई कर्मियों की आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर उन्हें स्थाई नियुक्ति दी जाए तथा रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती कर बैकलॉग पूरा किया जाए। सफाई कर्मियों के सम्मानजनक वेतन सम्मान काम के लिए समान वेतन सामाजिक सुरक्षा पेंशन बीमा और अन्य कर्मचारी सुविधा दी जाए। सीवर और सेफ्टी टैंक की सफाई में मानव प्रवेश पूर्णता बंद कर आधुनिक मशीनों से सफाई सुनिश्चित की जाए। सीवर एवं सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान किसी सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को 30 लख रुपए का आर्थिक मौज सरकारी नौकरी और उचित पुनर्वास दिया जाए।अमित तोमर, देव चौधरी, मनीष तोमर, अमर तोमर, इरफान, इमरान मलिक, इकरा मलिक, प्रताप, सचिन, नीरज, अंकुर मुनाखिया, सैलजा, मनोज, कुलदीप खोबा, अजय, रामेश्वर, अनीत, नीरज,