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राजकुमार कश्यप/एजेंसी, प्रयागराज।

ये घटना प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके के हर्ष होटल के पास हुई। शुक्रवार शाम, धूमनगंज के शकुंतला कुंज कॉलोनी निवासी मीडियाकर्मी लक्ष्मी नारायण सिंह (48) की हत्या के बाद डॉक्टरों के पैनल ने उनके शव का पोस्टमार्टम किया। जानकारों के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान उनके शरीर पर चाकू के 18 निशान मिले, जिन्होंने हत्या की बर्बरता बयां की। पत्रकार के हाथ, पेट, सीने और कमर पर किए गए वार इतने निर्मम थे कि उनकी आंतें तक बाहर आ गई।

हमले के बाद लक्ष्मी नारायण करीब 20 मिनट तक सड़क पर खून से लथपथ तड़पते रहे। मौके पर मौजूद राहगीर फोटो खींचने में व्यस्त रहे। किसी ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें अपने वाहन से एसआरएन अस्पताल पहुंचाया जहां करीब दो घंटे बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

पत्रकार एलएन सिंह की हत्या के बाद शुक्रवार को घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल रहा। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार रात चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर वह घर से बाहर आए तो खौफनाक मंजर दिखा। एलएन सिंह लड़खड़ाते हुए फुटपाथ पर गिर पड़े। उनके पेट, हाथ और पैर से खून निकल रहा था और वह दर्द से कराह रहे थे। उन्हें बेरहमी से कई बार चाकू मारे गए थे।

क्षेत्र के लोगो का कहना था कि आरोपी पर मानो जैसे भूत सवार हो गया था। दौड़ा-दौड़ाकर एलएन सिंह पर एक के बाद एक चाकू से कई वार करता रहा। किसी ने भी एलएन सिंह की जान बचाने का प्रयास नहीं किया। सूचना पर पुलिस आई और घायल अवस्था में उन्हें अपने साथ ले गई। पूरा फुटपाथ उनके खून से लाल हो गया था। लोगों ने बताया कि आरोपी कई तरह का नशा भी करता है।

वारदात के दौरान हमलावर ने एक दर्जन से अधिक बार चाकू से वार किए। धूमनगंज थाना क्षेत्र में नेहरू पार्क के पास हत्यारोपी से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। इस दौरान आरोपी के पैर में चार गोली लगी है। उसे एसआरएन में भर्ती कराया गया है।

बलिया के रहने वाले एलएन सिंह पिछले कई साल से धूमनगंज में परिवार के साथ रहते थे। वह एक निजी चैनल से जुड़े हुए थे। रात करीब 10:30 बजे वह सिविल लाइंस के जीएचएस रोड के पास गए थे। उन्होंने दोस्त के बेटे साहिल को ले जा रहे नशे के आदी आरोपी विशाल को रोका। कहासुनी हुई और विशाल ने चाकू से हमला कर दिया।

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