
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर, विकास कार्यों को समय से पूरा कराने के निर्देश
दिल्ली-सहारनपुर मार्ग पर 8.46 करोड़ की लागत से बनेगा वन विभाग का अतिथि गृह, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बनेंगे दो अतिरिक्त कमरे
बागपत, 21 अगस्त 2026 — आज विकास भवन सभागार में जिला विकास कार्य अनुश्रवण समिति ‘दृष्टि’ की बैठक वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मा. राज्यमंत्री केपी मलिक की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों और शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। मा. राज्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में स्पष्ट रूप से कहा गया कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से पहुंचे। योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया।
मा. राज्यमंत्री केपी मलिक ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। गांव और कस्बों में रहने वाले पात्र लोगों को योजनाओं की जानकारी समय से मिले, इसके लिए विभाग अपने स्तर से लगातार प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति केवल जानकारी के अभाव में सरकारी योजना के लाभ से पीछे न रहे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बेहतर समन्वय से विकास कार्यों को और गति देने की बात भी उन्होंने कही।
बैठक में पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान लंपी बीमारी की रोकथाम को लेकर जिले में की जा रही तैयारियों की जानकारी ली गई। मा. राज्यमंत्री ने पशुओं का समय से टीकाकरण कराने तथा पशुपालकों को बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुधन किसानों की आय और आजीविका से जुड़ा है, इसलिए बीमारी की रोकथाम के लिए विभाग पूरी गंभीरता के साथ काम करे और पशुपालकों को जरूरी जानकारी समय से उपलब्ध कराई जाए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत समेत सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को आसानी से मिलना चाहिए। स्वास्थ्य योजनाओं का संचालन निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार हो तथा जरूरतमंद व्यक्ति को उपचार और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत परियोजना अलंकार की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से विद्यालयों में कराए जा रहे कार्यों, भवनों की स्थिति और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई। निर्देश दिए गए कि परियोजना के तहत स्वीकृत कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय से पूरा कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके। इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों की व्यवस्थाओं और विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों में सुरक्षा मानक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्यालय परिसरों में नियमित साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, शौचालयों की व्यवस्था और आसपास के वातावरण को साफ रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर मूलभूत सुविधाओं की स्थिति देखने और जहां सुधार की आवश्यकता हो, वहां प्राथमिकता से कार्य कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
कौशल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। मा. राज्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को योजनाओं की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी आसानी से उपलब्ध कराई जाए, जिससे अधिक से अधिक युवा इन योजनाओं से जुड़ सकें। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान पात्र दिव्यांगजनों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। कृत्रिम उपकरण उपलब्ध कराने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे जरूरतमंद दिव्यांगजनों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिल सके।
युवा कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मितली स्थित मिनी स्टेडियम के बेहतर संचालन पर जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि स्टेडियम और उपलब्ध खेल सुविधाओं का अधिक से अधिक युवाओं को लाभ मिले। युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए नियमित गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए। श्रम विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को श्रमिकों के बीच योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। कहा गया कि पात्र श्रमिकों को पंजीकरण, योजना की पात्रता और मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी समय से मिले, ताकि वे शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सड़क, सिंचाई समेत अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्माण और विकास कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए और जनसुविधा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। इसी दौरान मा. राज्यमंत्री केपी मलिक ने जनपद के लिए महत्वपूर्ण विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि उनके प्रयासों से दिल्ली-सहारनपुर मार्ग पर करीब 8 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से वन विभाग के अतिथि गृह का निर्माण कराया जाएगा। प्रमुख मार्ग पर यह सुविधा विकसित होने से जिले में आने वाले अधिकारियों और अधिकृत आगंतुकों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था हो सकेगी। इससे विभागीय निरीक्षण, बैठकों और विकास कार्यों से जुड़े अधिकारियों के प्रवास में भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकारी अतिथि सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में दो अतिरिक्त कमरों का निर्माण कराया जाएगा। इससे गेस्ट हाउस की क्षमता बढ़ेगी और अधिकारियों एवं अधिकृत आगंतुकों के ठहरने के लिए अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध होगी।
समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान पेंशन, छात्रवृत्ति, सामूहिक विवाह समेत विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि पात्र परिवारों तक योजनाओं की जानकारी गांव और क्षेत्र स्तर तक पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पूर्व में लाभ प्राप्त कर चुके लोगों द्वारा दोबारा आवेदन किए जाने की स्थिति में नियमानुसार नोटिस और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि योजना का लाभ सही पात्र परिवारों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचता रहे।
मा. राज्यमंत्री केपी मलिक ने कहा कि विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में होने वाले बड़े विकास कार्यों की जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों को दी जाए और आवश्यकतानुसार उन्हें कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आमजन के जीवन को आसान बनाना और जरूरतमंद परिवारों को आगे बढ़ने का अवसर देना है। इसलिए अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचे और कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में पीछे न रहे।
मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने कहा कि जिले में विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिकता है। विभागीय अधिकारी अपने-अपने विभाग की योजनाओं की नियमित समीक्षा करें और पात्र लाभार्थियों को समय से सुविधाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता, गति और समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान अनुपस्थित सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समिति एवं जिला विद्यालय निरीक्षक के संबंध में आवश्यक स्पष्टीकरण के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा। बैठक में जिले में विकास कार्यों को गति देने, जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और युवाओं, किसानों, श्रमिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों तथा जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त मेरठ मंडल बलिराम, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, डीएफओ विनोद कुमार, सीएमओ तीरथ लाल, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सूचना विभाग बागपत