ग्रामीण महिलाओं को मिले रोजगार के अवसर तो नाविक के चेहरे खिले।
संगम नगरी में माघ मेला क्षेत्र के आसपास के गांवों में महिलाएं तैयार कर रही हैं गोबर के उपले और मिट्टी के चूल्हे।
गंगा नदी के तटीय गांवों में सज रही है उपलों और मिट्टी के चूल्हों की मंडी।
माघ मेले में साधु संतों और कल्पवासियों के अस्थाई शिविरों में रहती है उपलों और मिट्टी के चूल्हों की मांग।
मेला प्रशासन द्वारा मेला में हीटर और छोटे एलपीजी सिलेंडर पर लगी पाबंदी से बढ़ी उपलों और मिट्टी के चूल्हों की मांग।।