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लोकगायिका चंचल बंजारा की प्रस्तुति ने सांस्कृतिक संध्या को बनाया यादगार

वोकल फॉर लोकल का संदेश दे रहा स्वदेशी मेला, सभी आए और गर्व से स्वदेशी अपनाए

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत कैटर्स ट्रेड में प्रशिक्षित कारीगरों को मिले प्रमाण पत्र

बागपत, 16 अक्टूबर 2025 — सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज परिसर में चल रहे स्वदेशी मेले में आज का दिन उत्साह, उमंग और देशभक्ति के रंगों से सराबोर रहा। दीपावली के शुभ अवसर पर आयोजित इस मेले में जहां एक ओर सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, वहीं दूसरी ओर स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री ने “वोकल फॉर लोकल” के संदेश को सशक्त रूप से आगे बढ़ाया।

जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, बागपत द्वारा आयोजित इस स्वदेशी मेले में कुल 21 स्टाल लगाए गए, जिनमें होम फर्निशिंग, वस्त्र उद्योग, माटी कला, आचार, श्री अन्न मिलेट्स, मसाले, त्यौहारों से जुड़े उत्पादों और ऑटोमोबाइल से संबंधित उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। मेले की खास आकर्षण रहे युवा उद्यमी वतन, जिन्होंने अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल ऑटोमोबाइल स्टाल पर नवीनतम तकनीक की स्कूटी का प्रदर्शन किया।

इस मेले ने जनपद के कई युवा उद्यमियों को पहली बार अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने का मंच प्रदान किया है। सीएम युवा उद्यमी विकास योजना के लाभार्थियों ने भी अपने उत्पादों के साथ भागीदारी की, जिससे “स्वदेशी से आत्मनिर्भरता” का लक्ष्य और मजबूत हुआ। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना लोकगायिका चंचल बंजारा की प्रस्तुति ने सांस्कृतिक संध्या को बनाया अविस्मरणीय तहत कैटर्स ट्रेड का प्रशिक्षण पूर्ण करने पर उपायुक्त उद्योग अर्चना तिवारी ने संजीव, सुरेश, विकास, प्रदीप कुमार, धर्मेंद्र को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

सांस्कृतिक संध्या में लोकगायिका चंचल बंजारा और उनकी टीम ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। सरस्वती वंदना से शुरुआत हुई कार्यक्रम में “आज अबला नहीं है भाइयों कोई भी नारी, सदा हौसला इनका बढ़ाती योगी सरकार हमारी” गीत ने मिशन शक्ति अभियान को नया बल प्रदान किया। इसके साथ ही कलाकारों ने ओडीओपी, प्रधानमंत्री आवास योजना, हाइवे निर्माण जैसी योजनाओं पर भी गीतों के माध्यम से संदेश दिया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना की। वहीं वोएज डांस ग्रुप ने भी प्रस्तुतियां दी।

शाम ढलते ही जब खरीदारों की भीड़ मेले में उमड़ी, तो पूरे परिसर में दीपावली जैसी रौनक छा गई। उत्साह से भरे लोग स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी करते दिखाई दिए। अंत में आयोजकों ने जिलेवासियों से आह्वान किया कि “आइए, गर्व के साथ स्वदेशी अपनाएं, देश को आत्मनिर्भर बनाएं।”

सूचना विभाग बागपत

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