दिल्ली में बेसहारा और गंभीर रूप से बीमार पशुओं के लिए आश्रय स्थल तैयार करने का मामला विवादों में आ गया है। Street Worldz Trust की संस्थापक जागृति मिश्रा ने आरोप लगाया है कि निर्माणाधीन पशु आश्रय स्थल को बिना पूर्व सूचना के तोड़ दिया गया। इस कार्रवाई से करीब 70 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जागृति मिश्रा पिछले करीब दो वर्षों से बेसहारा, घायल और लकवाग्रस्त पशुओं की देखभाल के लिए काम कर रही हैं। उनका कहना है कि इसी उद्देश्य से पशुओं के लिए आश्रय स्थल बनाया जा रहा था, लेकिन निर्माण पूरा होने से पहले ही वहां तोड़फोड़ कर दी गई।
जागृति मिश्रा ने आरोप लगाया है कि इस कार्रवाई से पहले उनसे रिश्वत की मांग की गई थी। उनका दावा है कि कथित मांग मानने से इनकार करने के बाद निर्माणाधीन आश्रय स्थल को निशाना बनाया गया। उन्होंने इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, रिश्वत मांगने और तोड़फोड़ के बीच कथित संबंध की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि निर्माणाधीन स्थल को किस आदेश और किन नियमों के तहत तोड़ा गया। क्या संबंधित पक्ष को पहले नोटिस दिया गया था? जमीन और निर्माण से जुड़े दस्तावेज क्या हैं? साथ ही, रिश्वत मांगने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
24 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं मिली। इसलिए फिलहाल आरोपों को साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता। संबंधित विभाग का पक्ष और कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
बेजुबान पशुओं की देखभाल के लिए काम करने वाली संस्था के इस मामले में पारदर्शी जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई हो।
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